पूर्व न्यायाधीश एस. पी. त्यागी की यह पुस्तक नवीन आपराधिक न्याय विधि प्रावधानों पर आधारित है और फौजदारी (अपराधिक) मामलों की वकालत के क्षेत्र में एक व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक मार्गदर्शक है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के क्रॉस-संदर्भों सहित नई आपराधिक विधियों का समावेश किया गया है।
यह पुस्तक फॉरेंसिक विज्ञान, वैज्ञानिक अन्वेषण तथा आपराधिक न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग का व्यावहारिक एवं विधिक अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, साइबर अपराध, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएँ, शून्य एफआईआर, ई-एफआईआर, पंजीकरण एवं न्यायालयीन प्रक्रियाओं सहित संबंधित विधिक प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया है। विषय की स्पष्टता के लिए उपयोगी सारणियों, चार्टों और आलेखों का भी समावेश किया गया है।
प्रमुख विशेषताएँ:
- आत्मसाक्ष्य के विरुद्ध विधि एवं अभियुक्त के मूलभूत अधिकारों का विस्तृत विश्लेषण।
- अपराध विज्ञान एवं वैज्ञानिक अन्वेषण की विधियों का व्यावहारिक विवेचन।
- साक्ष्य विचारण प्रक्रिया तथा साक्ष्य संबंधी महत्वपूर्ण सिद्धांतों की स्पष्ट व्याख्या।
- समन एवं साक्ष्य, अभियोजन की स्वीकृति तथा अभियोजन मार्गदर्शक सूत्रों का व्यवस्थित अध्ययन।
- जमानत एवं संबंधित विधिक उपबंधों का सरल एवं व्यावहारिक प्रस्तुतीकरण।
- उपलब्ध विधिक उपचारों एवं उनके प्रभावी उपयोग पर मार्गदर्शन।
यह पुस्तक न्यायिक सेवा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों, विधि के विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं, लोक अभियोजकों, पुलिस अधिकारियों, अन्वेषण एजेंसियों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों तथा आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े सभी पेशेवरों के लिए अत्यंत उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है।