संविदा 2 (कॉन्ट्रैक्ट 2 इन हिंदी), आर. के. बांगिया द्वारा लिखित, संविदा विधि तथा उससे संबंधित वाणिज्यिक विधियों का एक सुव्यवस्थित और प्रामाणिक संकलन है। इसमें भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 124 से अंत तक के प्रावधानों के साथ-साथ माल विक्रय अधिनियम, 1930 तथा भागीदारी अधिनियम, 1932 को हिंदी में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक संविदा के उत्तरार्द्ध विषयों जैसे क्षतिपूर्ति, प्रत्याभूति, जमानत, गिरवी और अभिकरण आदि की समझ को सुदृढ़ करती है तथा हिंदी माध्यम के पाठकों के लिए विधि अध्ययन को सरल और सुलभ बनाती है।
मुख्य विशेषताएँ:
- भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 124 से अंत तक का प्रामाणिक हिंदी पाठ सम्मिलित।
- माल विक्रय अधिनियम, 1930 एवं भागीदारी अधिनियम, 1932 का संपूर्ण हिंदी पाठ एक ही खंड में।
- 5वाँ संस्करण (2026) तक के नवीनतम संशोधनों के अनुसार अद्यतन।
- धारा-वार क्रमबद्ध प्रस्तुति, जिससे संदर्भ लेना सरल हो जाता है।
- परीक्षा तैयारी, अध्यापन तथा व्यावहारिक उपयोग के लिए उपयुक्त।
- स्पष्ट भाषा और सुव्यवस्थित फॉर्मेट, जिससे पठनीयता बेहतर होती है।
यह पुस्तक विधि (LL.B.) के छात्रों, विधि अध्यापकों, अधिवक्ताओं तथा न्यायिक एवं अन्य विधिक परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है, विशेषकर उनके लिए जो हिंदी माध्यम में अध्ययन करना चाहते हैं।