एन. वी. परांजपे द्वारा लिखित 'अपराधशास्त्र, दण्ड प्रशासन एवं पीड़ितविज्ञान' एक समग्र हिंदी भाषा की पाठ्यपुस्तक है, जिसमें अपराधशास्त्र (Criminology), दण्डशास्त्र (Penology) तथा पीड़ितविज्ञान (Victimology) के सैद्धान्तिक एवं व्यवहारिक पहलुओं का विस्तार से अध्ययन किया गया है। यह पुस्तक अपराध के कारणों, आपराधिक व्यवहार के सिद्धांतों, दण्ड प्रणालियों तथा आपराधिक न्याय व्यवस्था में पीड़ितों की विकसित होती भूमिका का विश्लेषण करती है। नवीन आपराधिक क़ानूनों के अनुरूप अद्यतन यह ग्रंथ भारत में अपराध एवं दण्ड की समझ के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक तथा व्यावहारिक संदर्भ सामग्री है।
प्रमुख विशेषताएँ:
- अपराधशास्त्रीय सिद्धांतों एवं आपराधिक व्यवहार का विस्तृत विवेचन
- दण्डशास्त्र, दण्ड प्रणालियों एवं कारागार प्रशासन का क्रमबद्ध विश्लेषण
- पीड़ितविज्ञान तथा पीड़ितों के अधिकारों का समग्र अध्ययन
- नवीन एवं संशोधित भारतीय आपराधिक क़ानूनों के अनुरूप सामग्री
- सरल एवं स्पष्ट हिंदी भाषा, जो अकादमिक अध्ययन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयुक्त है
यह पुस्तक मुख्य रूप से एलएलबी एवं एलएलएम के उन विद्यार्थियों के लिए है जो अपने विधि पाठ्यक्रम में अपराधशास्त्र, दण्डशास्त्र एवं पीड़ितविज्ञान का अध्ययन करते हैं। इसके अतिरिक्त यह न्यायिक सेवा अभ्यर्थियों, सिविल सेवा परीक्षार्थियों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों तथा अपराधशास्त्र के विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।